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An old poem for kids published in Parag, 35 years ago
बहू तुम्हारी जन्म पत्रिका (An old poem published in Parag, 35 years ago)
Monday, 15-May-2006 | 08:43 बहू तुम्हारी जन्म पत्रिका, है लाखों में एक
लिखे भाग्य में रोज तुम्हारे बिस्कुट, टॉफ़ी, केक.
राज करोगी सासू जी पर, दबवाओगी पैर
राशि तुम्हारी मकर राहु से हरदम रखती बैर.
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