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All girls news channel in Bihar
All girls news channel in Bihar
Sunday, 06-January-2008 | 05:22 A team of four girls in a village in Muzaffarpur in Bihar have started a small revolution, launching their own television channel, highlighting issues like deep-rooted superstition and lack of development. Most importantly, giving voice to women in an area where they are the most powerless.
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भोजपुरी फिल्मों में अब दूसरी भाषाओं के कलाकार
दिनेशलाल बहुत विनम्र हैं : मेघा भामरे
Monday, 31-December-2007 | 10:30 भोजपुरी फिल्मों में अब दूसरी भाषाओं के कलाकार भी आ रहे हैं। मराठी भाषी मेघा भामरे भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार दिनेशलाल यादव निरहुआ के साथ श्रीमान ड्रायवर बाबू में उनकी नायिका बनकर आ रही है। पेश है उनसे बातचीत :
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भोजपुरी फिल्म में संजय दत्त
भोजपुरी फिल्म में संजय दत्त
Monday, 31-December-2007 | 10:25 वॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने भी भोजुपरी फिल्म में अभिनय करने का मन बनाया है। उन्होंने अपने एक कांग्रेसी मित्र को उनकी भोजपुरी फिल्म में काम करने की मंजूरी दी है। इस माह में इस फिल्म की शूटिंग हो जाएगी। फिल्म के अभिनेता और यह निर्माता सुशील सिंह के मुताबिक, उनकी फिल्म मुन्ना बजरंगी में संजय काम करने के लिए तैयार हो गए हैं।
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भोजपुरी फिल्मों का बढ़ता कारोबार: अब बालीवुड किंग भरत भाई शाह भी बनायेंगे भोजपुरी फिल्में
अबतक की सबसे बड़ी भोजपुरी फ़िल्म विधाता का मुहूर्त भरत शाह के हाथों संपन्न
Sunday, 23-December-2007 | 22:18 सुप्रतिष्ठित फ़िल्म फईनेंसर व मशहूर हीरा व्यापारी भरत शाह ने आज यहाँ पहली बार किसी भोजपुरी फ़िल्म का मुहूर्त किया. पीके मूवीज व क्रेजी क्रिएशन के बेनर तले बनने वाली इस फ़िल्म का नाम है -विधाता जिसके निर्माता हैं - प्रतिभा सिंह व आसिफ खान. निर्देशक हैं - उमर खान. इस फ़िल्म की सबसे बड़ी खासियत यही है की इसमें भोजपुरी के सभी बड़े स्टार काम कर रहे हैं और बताया जा रहा है की यह अबतक की सबसे बड़े बजट की फ़िल्म है.
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लोककला लुप्त होती जा रही फरुआही
लोककला लुप्त होती जा रही फरुआही
Sunday, 23-December-2007 | 22:11 लोक कला की सशक्त विधाओं पर कभी विकास के नाम आधुनिकता की मार पड़ी तो कभी रोटी की। फलत: गांव की माटी में रची बसी इनरसनी, खड़ुवा, हुड़कहिया, धोबियउवा, फरुआही जैसी नाच गायब हो गई। इसके लिये काफी हद तक जिम्मेदार आधुनिक सिनेमा ने दर्शकों की रुझान बदली। पर्दे की तारिकाएं लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनीं और दर्शकों की मन:स्थिति पर कब्जा कर लिया। बीसवीं सदी के मध्य में जमींदारी उन्मूलन के बाद लोक कलाकारों का बचा-खुचा आश्रय भी छिन गया और लोक कला फुटपाथ पर आ गई। फिर लोक कलाकारों के समक्ष रोटी का संकट खड़ा हुआ और वह बिखर गये। लोकनृत्य मण्डलियां टूट गई।
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विश्व भोजपुरी सम्मॅलन से
अश्लीलता की बात नजरों का फेर
Sunday, 07-October-2007 | 06:21 भोजपुरी की लोक परंपरा पर भले ही अपसंस्कृति और अश्लीलता का शिकार होने का लांछन लगाया जाता हो लेकिन वास्तविकता इससे परे है। भोजपुरी में जिन लोगों को अश्लीलता नजर आती है वह उनकी नजरों और विचारों का फेर है। दरअसल भोजपुरी में जितना रस है उतना दुनिया की किसी दूसरी बोली में नहीं है। यह दीगर बात है कि सस्ती लोकप्रियता और पैसा कमाने के चक्कर में भोजपुरी के गीत गाने वाले और इससे जुड़ी फिल्मों में काम करने वाले इस बोली को बदनाम करने पर उतारू हैं।
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